विशेषज्ञों ने कहा- बरसों पुरानी छेड़छाड़ की शिकायत पर कार्रवाई होना मुश्किल
नई दिल्ली. महिलाएं सोशल मीडिया पर ‘मी टू' कैम्पेन के जरिए उनके साथ हुई छेड़छाड़ और उत्पीड़न की घटनाओं को उजागर कर रही हैं। लेकिन कई मामलों में आरोप 10 से 20 साल तक पुराने हैं। महिलाएं आरोप तो लगा रही हैं, लेकिन क्या उन पर कानूनी कार्रवाई संभव है? इसके जवाब जानने के लिए भास्कर ने कई वकीलों से बातचीत की। वकीलों का कहना है कि छेड़छाड़ की पुरानी शिकायतें कानून की कसौ टी पर बेमानी साबित होंगी। इनमें समय सीमा होने के चलते मौजूदा समय में कार्रवाई संभव नहीं है। हालांकि, 10 से 20 साल तक के पुराने दुष्कर्म के मामलों में शिकायत दर्ज तो कराई जा सकती है, लेकिन उसमें मुकदमा चलाया जाए या नहीं, यह पुलिस जांच और केस की प्रकृति पर निर्भर करेगा। अगर केस चलता है तो सजा भी संभव है। दिल्ली हाईकोर्ट के वकील सुमीत वर्मा ने कहा कि आईपीसी की धारा 468 (2) के तहत व्यवस्था दी गई है कि तीन साल तक की सजा वाले सभी अपराधों में घटना के तीन साल बाद तक शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस कोर्ट के समक्ष जब छेड़छाड़ या तीन साल त क की सजा वाले अन्य अपराध की चार्जशीट फाइल करती है तो उसमें समय सीमा भी देखती है। तय समय ...